भाजपा ने निभाई भंडारी- शायना जैसे निष्ठावान कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की परंपरा !

इस उपचुनाव में भाजपा ने राष्ट्रवादी काँग्रेस से आये हुए प्रसाद लाड को उम्मीदवार बनाया है. भाजपा के मुख्य प्रवक्ता माधव भंडारी के नाम की चर्चा तो हमेशा होती है, लेकिन अंत में उन्हें हटा दिया जाता है. इस बार भंडारी समेत भाजपा की नेता शायना एनसी, कोंकण में भाजपा के नेता प्रमोद जठार, बाल माने, प्रवक्ता केशव उपाध्ये आदि के नाम भी चर्चा में थे.
भाजपा ने निभाई भंडारी- शायना जैसे निष्ठावान कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की परंपरा !

मुंबईः विधान परिषद उपचुनाव के निमित्त से माधव भंडारी और शायना एनसी जैसे निष्ठावान कार्यकर्ताओं की उपेक्षा करने की परंपरा भाजपा द्वारा कायम रखी गयी है. इस वजह से भाजपा के घेरे में  यह चर्चा ज़ोरों पर है कि; शायना एनसी, प्रमोद जठार, बाल माने, माधव भंडारी तथा केशव उपाध्ये जैसे निष्ठावान कार्यकर्ताओं के होते हुए विधायक बनने का अवसर मिल रहा है प्रसाद लाड को. 

इस उपचुनाव में भाजपा ने राष्ट्रवादी काँग्रेस से आये हुए प्रसाद लाड को उम्मीदवार बनाया है. भाजपा के मुख्य प्रवक्ता माधव भंडारी के नाम की चर्चा तो हमेशा होती है, लेकिन अंत में उन्हें हटा दिया जाता है. इस बार भंडारी समेत भाजपा की नेता शायना एनसी, कोंकण में भाजपा के नेता प्रमोद जठार, बाल माने, प्रवक्ता केशव उपाध्ये आदि के नाम  भी चर्चा में थे.

नामांकन पत्र भरे जाने की तारीख नज़दीक आने पर भंडारी और शायना के नामों को प्राथमिकता दी जा रही थी. लेकिन प्रसाद लाड बाज़ी मार ले गये. इस तरह से निष्ठावान कार्यकर्ताओं की उपेक्षा करने की परंपरा भाजपा ने फिर एक बार दोहरायी है. इस से पहले भाजपा महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के नेता प्रवीण दरेकर को विधायक बना चुकी है. उस समय मुंबई भाजपा में खुले रूप से विरोध गर्माया था. उस से पहले भाजपा ने स्वाभिमानी शेतकरी (किसान) संगठन के नेता सदाभाऊ खोत को विधायक और फिर मंत्री भी बनाया था. राष्ट्रीय समाज पार्टी के नेता महादेव जानकर को भी भाजपा द्वारा विधायक बना कर कॅबिनेट मंत्री बना लिया गया था. भाजपा गठबंधन के घटक दलों के नेता होने की वजह से इन दोनों को भले ही विधायक बनाया गया हो, लेकिन भाजपा के निष्ठावान कार्यकर्ताओं की उपेक्षा तब भी की गयी थी.

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